” दीवार के ऊपर बैठे अपने आठ वर्षीय बेटे से पिता ने कहा”नीचे कुद जा बेटा। बेटा बोला “नहीं, मुझे चोट लग जाएगी।”
पिता बोला “डर मत मैं हूं ना।
“बेटा नीचे कुद गया। पिता ने उसे हवा में ही कैच कर लिया। बेटा खुश होकर बोला”पिता जी एक बार फिर
इस बार पिता ने उसे नहीं सम्हाला। बेटा सीधा जमीन पर गिरा रोने लगा।
पिता ने उसे गले लगाते हुए कहा।रो मत बेटा, दुनिया तुम्हारे साथ यही करने वाली है। आज़ ये सबक सीख ले,कि कोई कितना भी सगा क्यों न हो उस पर आंख बंद करके भरोसा मत करना
